क्या आपको इस बात का एहसास है?
यदि कोई इंसान अपनी ज़िंदगी से ख़ुश, संतुष्ट नहीं है और अकेलापन महसूस कर रहा है, तो ज़ाहिर है अपनी ज़िंदगी की ये कमी वो किसी और माध्यम से पूरी करने की कोशिश करता है। ये माध्यम कुछ भी हो सकता है। आज ई क्रांति के इस युग में इस माध्यम की भूमिका सोशल मीडिया निभा रहा है। कुछ लोग अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ज़िंदगी की हर पल की अपडेट सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं और उस पर मिले कमेंट्स और लाइक्स से न ज़ाने उन्हें कौन-सी तृप्ति मिलती है? सोशल मीडिया अपने विचारों को मास तक पहुंचाने का एक अच्छा ज़रिया है, मगर वो विचार समाज और देश के हित में होने चाहिए। किसी की निजी ज़िंदगी के बारे में जानकर भला किसी को क्या मिलेगा। मगर लोगों को ये बात समझ नहीं आती। ख़ासकर लड़िकयां/महिलाएं वो हर दिन अपनी फोटो या यूं कहें कि उल-जूलूल सेल्फी भी सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। कई बार तो सेल्फी का एंगल इतना बुरा होता है कि ख़ूबसूरत महिला भी डरावनी दिखने लगती है, मगर बावजूद इसके ऐसी सेल्फी को लोग ख़ूब लाइक करते हैं और अपनी सेल्फी पर मिली लाइक से महिला ऐसे ख़ुश होती है मानों उन्हें दीवाली का बोनस एडवांस में मिल गया हो। ज...